Hey in this post we have collected a lot of sad status together with the alone status that will show the true loneliness of a person in the modern world. The whole quotes collection is dedicated to show the loneliness of a person in the world of social media when people are connecting together at the same time they are moving away from happiness as well as family
हंसकर कबूल क्या करली सजाएं हमने,हम पर इल्जाम लगाने का दस्तूर बना दिया इस जमाने ने।
हौंसलों का सबूत देना था,इसलिए ठोकरें खाकर मुस्कुरा पड़े…
बेशुमार यादें दी है तूने रखु कहाँ……,दिल भर जाए तो आंखों से निकल जाती है।
मैं भी मुसाफिर हूँ तेरी किश्ती का ए जिंदगी,तु जहाँ मुझसे कहेगी, वही उतर जाउँगा.
एक घूँट शराब की जो मैंने लबों से लगायी,तो आया समझ कि इससे भी कड़वी है तेरी सच्चाई।
र रात जान बूझकर रखता हूँ दरवाज़ा खुला…शायद कोई लुटेरा मेरा गम भी लूट ले….
पत्थर तो बहुत मारे थे लोगो ने मुझे,,,लेकिन जो दिल पर आ के लगा वो किसी अपनो ने मारा.
Bohot akela kar diya haiMere aapno ne mujhe,Samagh nahi aati k bure humHai ya kismat…
अजीब सा दर्द है इन दिनों यारों,न बताऊं तो 'कायर', बताऊँ तो 'शायर'।
तुम्हे क्या पता, किस दर्द मे हूँ मैं?जो लिया नही, उस कर्ज मे हूँ मैं.
चुभता है बहुत कुछ , मुझे भी तीर की तरहा ,खामोश रहता हूँ मै भी अपनी तकदीर की तरह...
मैं फिर से निकलूंगा तलाश -ए-जिन्दगी में,दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो
साँसों का टूट जाना तो बहुत छोटी सी बात है दोस्तो,जब अपने याद करना छोड़ दे, मौत तो उसे कहते है.
यादें भी क्यों नहीं बिछड़ जातीं,लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं.
कौन याद रखता हैं गुजरे हुए वक़्त के साथी कोलोग तो दो दिन में नाम तक भुला देते हैं |
तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन,जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा ।
जाने कैसी नजर लगी ज़माने की ,अब वजह मिलती नही मुस्कुराने की.
दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरहफिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
ये दुःख , उदासी , आँसुओं को मौत क्यों नहीं आती
हकीकत कुछ और ही होती है,हर गुमसुम इंसान पागल नही होता।
मजबूरियाँ छुपी होती हैजब कोई इंसान कहता हैमुझे अकेला छोड़ दो
खुबसूरत सा वो पल था,पर क्या करें वो कल था…
इरादा क़त्ल का था तो मेरा सर कलम कर देतेक्यों इश्क़ में डाल कर तूने मेरी हर सांस पर मौत लिख दी
मिल जायेगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला,अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता।
मुझे बहुत प्यारी है तुम्हारी दी हुई हर एक निशानीचाहे वो दिल का दर्द हो या आँखों का पानी
रूठती हमेशा खुशियाँ ही है ,दुखों के कहाँ इतने नखरे होते हैं
कर ली ना तसल्ली तुमने दिल तोड़कर मेर,मैने कहा भी था कुछ नही है इसमे तुम्हारे सिवा।
एक दिन बड़ा शायर बन ही जायेंगे…अभी तो बस हसीन गम कि तालाश मे है
कौन है इस जहाँ मे जिसे धोखा नहीं मिला,शायद वही है ईमानदार जिसे मौक़ा नहीं मिला।
काश तू मेरी आँखों का आँसू बन जाए,मैं रोना ही छोड़ दूँ तुझे खोने के डर से!!
अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ कोमैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं
लोग कहते है की जो दर्द देता है वो ही दवा देता है,पता नहीं ऐसी फालतू बातो को कौन हवा देता है
लिखु क्या आज वक्त का तकाजा हेदर्द-ए-दिल अभी ताजा हैं,
अच्छा हुआ कि तुमने हमें तोड़ कर रख दिया ,घमण्ड भी हमें बहुत था तेरे होने का ? ?
hazaro ka chaheta chand kya samjhegachhote se sitare ki kami ko !
रोज रोज हर रोज आप मेरा दिल तोड़़ते हो,कभी कभी इसको जोड़ने की भी मोहलत दे दिया करो.
रातों में खूब बातें होतीं हैं खुद से,कौन कहता है अकेला हूँ मैं.
किसी रोज़ याद न कर पाऊँ तो खुदग़रज़ ना समझ लेना दोस्तों,छोटी सी इस उम्र मैं परेशानियां बहुत हैं..!
जिन्दगी ने दिए हैं बहुत से धोखेBut कोई बात नहीं it’s ok
लोग आजकल बहुत कड़वे बोलते हैंपर हमने मीठा बोलना नहीं छोड़ा हैं
हम उनसे तो लड़ लेंगे, जो खुले आम दुश्मनी करते हैं,लेकिन उनका क्या करे, जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं
साँसे थी तो अकेला था..साँसे गई तो सब आ गए …
छूट गया हाथों से वो मेरेकुछ इस कदररेत फिसलती है जैसे बन्द मुट्ठी से
रातों में खूब बातें होतीं हैं खुद से,कौन कहता है अकेला हूँ मैं.
हम मोहब्बत कर के गुनहगार हो गये,पहले फूल थे अब खाक हो गये!!
जब मिलो किसी सेतो जरा दूर का रिश्ता रखना,बहुत तङपाते हैअक्सर सीने से लगाने वाले।
मीठे लोगों से मिल कर जाना कि कड़वे लोग अक्सर सच्चे होते हैं
खफा रहने का शौक भी पूरा कर लो तुम,लगता है तुम्हे हम #ज़िंदा अच्छे नहीं लगते।
हवाएं बदल गई है इस कदर जमाने की,दुआएं माँग रहा हूँ होश में न आने की
लोगों का कहना है कि अब मैं बदल सा गया हूँ…..अब इन्हे क्या बताऊँ अक्सर टूटे हुए पत्ते अपना रंग बदल दिया करते हैं
सोचा था बताएंगे हर एक दर्द तुमको,लेकिन तुमने तो इतना भी न पूँछा की खामोश क्यों हो।
इतना दर्द तो मौत भी नही देती,जितनी दर्द तेरी ख़ामोशी दे रही है।
बेवजह ही मुस्कुरा दिया मैंने,दर्द का दिल दुखा दिया मैंने
कभी-कभी हाथ छुड़ाने की ज़रूरत नहीं होती,कुछ लोग तो साथ रह कर भी बिछड़ जाते हैं।
कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग,दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते!!
हमें किसी से शिकायत नहीं अब ,बस अपने आप से रूठे है हम ? ?
आज लगता है बस तमाशा था,वो ताल्लुक़ जो बेतहाशा था।
कभी कभी दिल चाहता है ,कि दिल अब कुछ भी ना चाहे ??
मेरी आँखों में आँसू नहीं, बस कुछ “नमी” है,वजह तू नहीं, तेरी ये “कमी” है!!
पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,दिल में क्या है वो बात नही समझती,
काश तेरी याद़ों का खज़ाना बेच पाते हम,हमारी भी गिनती आज अमीरों में होती!!
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